menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १०३
chevron_left
chevron_right
भृगुरु उवाच
यावदक्षिनिमेषाणि ज्वलते तावतीः समाः |  ३७   क
रूपवान्धनवांश्चापि नरो भवति दीपदः ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति