menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ९७
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
एतेनैव च वृत्तेन महीं प्राप सुरोत्तमः |  १८   क
अन्वेव चैन्द्रं विजय़ं व्यजिगीषन्त पार्थिवाः ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति