उद्योग पर्व  अध्याय ११४

नारद उवाच

वहुदेवासुरालोका वहुगन्धर्वदर्शना |  ३   क
वहुलक्षणसम्पन्ना वहुप्रसवधारिणी ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति