menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सात्यकिं चापि सम्प्रेक्ष्य युध्यमानं नरर्षभम् |  २३   क
रथेन यत्तः कौन्तेय़ो वेगेन प्रय़यौ तदा ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति