menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
मण्डलं सर्वतः श्लिष्टं रथिनामुग्रधन्विनाम् |  ३४   क
किरतां शरवर्षाणि स नागः पर्यवर्तत ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति