menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १०४
chevron_left
chevron_right
युधिष्ठिर उवाच
कथं मृदौ कथं तीक्ष्णे महापक्षे च पार्थिव |  १   क
अरौ वर्तेत नृपतिस्तन्मे व्रूहि पितामह ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति