menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १०४
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
यदा वहुविधां वृद्धिं मन्यते प्रतिलोमतः |  ३८   क
तदा विवृत्य प्रहरेद्दस्यूनामविचारय़न् ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति