menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १०४
chevron_left
chevron_right
वृहस्पतिरु उवाच
तूष्णीम्भावेऽपि हि ज्ञानं न चेद्भवति कारणम् |  ४६   क
विश्वासमोष्ठसन्दंशं शिरसश्च प्रकम्पनम् ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति