menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
काममभ्यस वा मा वा न मे जीवन्विमोक्ष्यसे |  ४७   क
सुदृष्टः क्रिय़तां भीष्म लोकोऽय़ं समितिञ्जय़ ||  ४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति