menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
राजपुत्र उवाच
यादृच्छिकं ममासीत्तद्राज्यमित्येव चिन्तय़े |  २५   क
ह्रिय़ते सर्वमेवेदं कालेन महता द्विज ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति