अनुशासन पर्व  अध्याय १२१

व्यास उवाच

यानीमान्युत्तमानीह वेदोक्तानि प्रशंससि |  १५   क
तेषां श्रेष्ठतमं दानमिति मे नास्ति संशय़ः ||  १५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति