menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८७
chevron_left
chevron_right
देव उवाच
यतय़ः शान्तिपरमा यतात्मानो मुमुक्षवः |  १५   क
कामक्रोधद्वेषमुक्ता निःसङ्गा वीतकल्मषाः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति