menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
लोमश उवाच
असुरोरगरक्षांसि सत्त्वानि विविधानि च |  २१   क
आर्तनादमकुर्वन्त वध्यमानानि सागरैः ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति