menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यथा पशुगणान्पालः सङ्कालय़ति कानने |  १७   क
तथेदं मामकं सैन्यं काल्यते शत्रुतापन ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति