menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
द्रोण उवाच
ग्लहं च सैन्धवं राजन्नत्र द्यूतस्य निश्चय़ः |  १८   क
सैन्धवे हि महाद्यूतं समासक्तं परैः सह ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति