menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
द्रोण उवाच
इहैव त्वहमासिष्ये प्रेषय़िष्यामि चापरान् |  २१   क
निरोत्स्यामि च पाञ्चालान्सहितान्पाण्डुसृञ्जय़ैः ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति