menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
विकृष्यमणैर्जवनैरलङ्कृतै; र्हतेश्वरैराजिरथैः सुकल्पितैः |  २५   क
मनुष्यमातङ्गरथाश्वराशिभि; र्द्रुतं व्रजन्तो वहुधा विचूर्णिताः ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति