आदि पर्व  अध्याय १०६

वैशम्पाय़न उवाच

ननन्द माता कौसल्या तमप्रतिमतेजसम् |  ४   क
जय़न्तमिव पौलोमी परिष्वज्य नरर्षभम् ||  ४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति