menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
उपमन्युरु उवाच
युक्तश्च युक्तवाहुश्च द्विविधश्च सुपर्वणः |  ११७   क
आषाढश्च सुषाढश्च ध्रुवो हरिहणो हरः ||  ११७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति