menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १०६
chevron_left
chevron_right
लोमश उवाच
हय़ं नय़स्व भद्रं ते यज्ञिय़ं नरपुङ्गव |  २८   क
यज्ञः समाप्यतां तात सगरस्य महात्मनः ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति