उद्योग पर्व  अध्याय १३९

कर्ण उवाच

उद्गातात्र पुनर्भीमः प्रस्तोता सुमहावलः |  ३३   क
विनदन्स नरव्याघ्रो नागानीकान्तकृद्रणे ||  ३३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति