menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १०७
chevron_left
chevron_right
सुपर्ण उवाच
अत्र दुष्कृतकर्माणो नराः पच्यन्ति गालव |  १४   क
अत्र वैतरणी नाम नदी वितरणैर्वृता |  १४   ख
अत्र गत्वा सुखस्यान्तं दुःखस्यान्तं प्रपद्यते ||  १४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति