menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः प्रहस्य गोविन्दः साधु साध्वित्यथाव्रवीत् |  ५८   क
शरवेश्मनि पार्थेन कृते तस्मिन्महारणे ||  ५८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति