विराट पर्व  अध्याय २०

द्रौपद्यु उवाच

आर्तय़ैतन्मय़ा भीम कृतं वाष्पविमोक्षणम् |  १४   क
अपारय़न्त्या दुःखानि न राजानमुपालभे ||  १४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति