menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ताभ्यां मुक्ता व्यकाशन्त कङ्कवर्हिणवाससः |  ३५   क
पङ्क्त्यः शरदि मत्तानां सारसानामिवाम्वरे ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति