menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १०९
chevron_left
chevron_right
मृग उवाच
नृशंसं कर्म सुमहत्सर्वलोकविगर्हितम् |  २१   क
अस्वर्ग्यमय़शस्यं च अधर्मिष्ठं च भारत ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति