menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १०९
chevron_left
chevron_right
अङ्गिरा उवाच
निस्तरेदेकभक्तेन वैशाखं यो जितेन्द्रिय़ः |  २३   क
नरो वा यदि वा नारी ज्ञातीनां श्रेष्ठतां व्रजेत् ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति