menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ११५
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
क्रुद्धो दशार्धेन हि ताडय़ेद्वा; स पांसुभिर्वापकिरेत्तुषैर्वा |  १९   क
विवृत्य दन्तांश्च विभीषय़ेद्वा; सिद्धं हि मूर्खे कुपिते नृशंसे ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति