menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १८५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सुखोपविष्टं तु पुरोहितं तं; युधिष्ठिरो व्राह्मणमित्युवाच |  २२   क
पाञ्चालराजेन सुता निसृष्टा; स्वधर्मदृष्टेन यथानुकामम् ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति