menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शय़ानं भिन्नमर्माणं दुर्मुखं शोणितोक्षितम् |  २२   क
दृष्ट्वा कर्णोऽश्रुपूर्णाक्षो मुहूर्तं नाभ्यवर्तत ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति