menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ११
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
यद्येवमभिय़ाय़ाच्च दुर्वलं वलवान्नृपः |  १७   क
सामादिभिरुपाय़ैस्तं क्रमेण विनिवर्तय़ेत् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति