menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २२१
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
तमांसीव यथा सूर्यो वृक्षानग्निर्घनान्खगः |  ७०   क
तथा स्कन्दोऽजय़च्छत्रून्स्वेन वीर्येण कीर्तिमान् ||  ७०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति