menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ११
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शल्यः साय़कवर्षेण पर्जन्य इव वृष्टिमान् |  ५९   क
अभ्यवर्षदमेय़ात्मा क्षत्रिय़ं क्षत्रिय़र्षभः ||  ५९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति