अनुशासन पर्व  अध्याय ११०

भीष्म उवाच

यस्तु संवत्सरं भुङ्क्ते नवमे नवमेऽहनि |  ३६   क
सदा द्वादशमासान्वै जुह्वानो जातवेदसम् ||  ३६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति