menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
द्रोण उवाच
चक्ररक्षौ तु पाञ्चाल्यौ युधामन्यूत्तमौजसौ |  २३   क
वाह्येन सेनामभ्येत्य जग्मतुः सव्यसाचिनम् ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति