उद्योग पर्व  अध्याय ११०

गालव उवाच

ससागरवनामुर्वीं सशैलवनकाननाम् |  ७   क
आकर्षन्निव चाभासि पक्षवातेन खेचर ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति