menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९०
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
इन्द्रिय़ाणीह सर्वाणि स्वे स्वे स्थाने यथाविधि |  ८५   क
अनीशत्वात्प्रलीय़न्ते सर्पा हतविषा इव ||  ८५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति