menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २०९
chevron_left
chevron_right
गुरुरु उवाच
अत्रोच्यते यथा ह्येतद्वेद योगेश्वरो हरिः |  ५   क
तथैतदुपपन्नार्थं वर्णय़न्ति महर्षय़ः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति