आदि पर्व  अध्याय ११२

वैशम्पाय़न उवाच

व्युषिताश्व इति ख्यातो वभूव किल पार्थिवः |  ७   क
पुरा परमधर्मिष्ठः पूरोर्वंशविवर्धनः ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति