menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय ११२
chevron_left
chevron_right
वृहस्पतिरु उवाच
वृषलो व्राह्मणीं गत्वा कृमिय़ोनौ प्रजाय़ते |  ७९   क
तत्रापत्यं समुत्पाद्य ततो जाय़ति मूषकः ||  ७९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति