menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स तु विद्राव्य समरे पाण्डवान्सृञ्जय़ानपि |  ३५   क
एक एव रणे भीष्म एकवीरत्वमागतः ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति