menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यथा हि सुमहानग्निः कक्षे चरति सानिलः |  ६६   क
तथा जज्वाल भीष्मोऽपि दिव्यान्यस्त्राण्युदीरय़न् ||  ६६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति