menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अचिन्तय़ित्वा तान्वाणान्पिता देवव्रतस्तव |  ८५   क
अर्जुनं समरे क्रुद्धं वारय़ामास साय़कैः ||  ८५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति