menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अय़ं सौभं योधय़ामास खस्थं; विभीषणं माय़या शाल्वराजम् |  ७३   क
सौभद्वारि प्रत्यगृह्णाच्छतघ्नीं; दोर्भ्यां क एनं विषहेत मर्त्यः ||  ७३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति