menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
chevron_left
chevron_right
याज्ञवल्क्य उवाच
कृत्स्नं शतपथं चैव प्रणेष्यसि द्विजर्षभ |  ११   क
तस्यान्ते चापुनर्भावे वुद्धिस्तव भविष्यति ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति