menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ११३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
भर्ता भार्यां राजपुत्रि धर्म्यं वाधर्म्यमेव वा |  २७   क
यद्व्रूय़ात्तत्तथा कार्यमिति धर्मविदो विदुः ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति