आदि पर्व  अध्याय ११३

वैशम्पाय़न उवाच

तासां व्युच्चरमाणानां कौमारात्सुभगे पतीन् |  ५   क
नाधर्मोऽभूद्वरारोहे स हि धर्मः पुराभवत् ||  ५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति