menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ११३
chevron_left
chevron_right
लोमश उवाच
देशे तु देशे तु स पूज्यमान; स्तांश्चैव शृण्वन्मधुरान्प्रलापान् |  १८   क
प्रशान्तभूय़िष्ठरजाः प्रहृष्टः; समाससादाङ्गपतिं पुरस्थम् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति