menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय ११४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
नातश्चतुर्थं प्रसवमापत्स्वपि वदन्त्युत |  ६५   क
अतः परं चारिणी स्यात्पञ्चमे वन्धकी भवेत् ||  ६५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति