menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
न तत्रासीदधर्मिष्ठमशस्त्रं युद्धमेव च |  ११   क
नात्र कर्णी न नालीको न लिप्तो न च वस्तकः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति